पठानकोट अमृतसर नेशनल हाईवे पर टोल प्लाजा और रिलायंस पंप पर नौवें दिन भी किसानों का धरना जारी कहां केंद्र सरकार किसानों की आवाज को दवा नहीं सकती, धरना इसी तरह रहेगा जारी

AN9 News – लोक इंसाफ वैल्फेयर सोसायटी पंजाब व भारतीय किसान यूनियन पंजाब की ओर से अध्यक्ष हरदेव सिंह चिट्टी व अध्यक्ष जसवंत सिंह कोठी की अध्यक्षता में समस्त सदस्यों व किसानों ने कृषि विधेयकों के विरोध में पठानकोट-अमृतसर नैशनल हाइवें के अधीन पड़ते लदपालवां टोल प्लाजा पर केन्द्र की मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राज्य की सारी आर्थिकता खेतीबाड़ी पर निर्भर करती है,क्योंकि यदि किसान के पास पैसा होगा तो बाकी के काम भी चलेंगे तथा यदि किसान तबाह हो जाएगा तो समूचे पंजाब के लोग तबाह जाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि केन्द्र सरकार ने शीघ्र लोकसभा व राज्यसभा में पास करवाएं गए इन काले तीन कृषि ऑर्डिनैंसों को वापिस नही लिया तो पूरे राज्य में उग्र प्रदर्शन किए जाएंगे।


इस अवसर पर अध्यक्ष हरदेव सिंह, अध्यक्ष जसवंत सिंह ने संयुक्त रूप में कहा कि मोदी सरकार जो तीन कृषि ऑर्डिनैंस लेकर आई है, वह पूरी तरह से किसान विरोधी है। जिसके चलते पंजाब का अन्नदाता किसान सडक़ों पर उतरने के लिए मजबूर हो गया है। जिसके चलते पहले किसानों की ओर से रेल रोको आंदोलन किया गया था,जिसके चलते आज रेल यातायात पूरी तरह से बंद है और उसके बाद आज केन्द्र के टोल प्लाजा पर धरना लगाकर टोल पर्ची को बंद करवाया गया है और यदि उसे आगे भी बंद नही रखा गया तो वह अपने प्रदर्शन को ओर तेज करेंगे। उन्होंने कहा कि आज पंजाब का युवा किसान पढ़ा लिखा है और वह अपना भविष्य अच्छी तरह जानता है और जिस तरह भाजपा पदाधिकारी व वर्कर मोदी सरकार की किसान विरोधी नीतियों को छुपाने हेतु ट्रैक्टर रैलियां निकाल व बैठके करके लोगों को जागरूक कर रहे है,उससे अब लोग व किसान उनके झांसे में आने वाले नही है। इसलिए केन्द्र सरकार को चाहिए कि वह किसानों के इस गुस्से की लहर को देखते हुए शीघ्र तीनों कृषि ऑडिनैंसों को वापिस लें ताकि किसानों को किसी किस्म की परेशानी न झेलनी पड़े। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में किसान संघर्ष को लेकर और तेज करेंगे इस बिल के पारित होने से हर वर्ग को होगा नुकसान।
वहीं किसान केवल सिंह कंग ने बताया कि आज किसान ने ही देश की जी.डी.पी को बचाया है और ऊपर से केन्द्र सरकार ने किसानों को मारने के लिए इन काले कानूनों को उन पर लागू कर दिया। उन्होंने कहा कि आज जिस तरह प्राइवेट खरीद की बातें की जा रही है तो किसानों के गन्ने की खरीद प्राइवेट एजैंसियों द्वारा की जा रही है और उन्हें पिछले एक वर्ष से भी ज्यादा समय से खरीद किए गए गन्ने की राशि नही मिली है, बासमती की खरीद पर प्राइवेट एजैंसियों द्वारा उन्हें पिछले 10 वर्ष पहले के दाम दिए जा रहे है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की ओर से किसानों की आय दोगुनी करने की बातें करना एक झुमला है,बल्कि उलटा इन काले कानूनों के तहत उन्हें पीछे की तरफ धकेलना है। उन्होंने कहा कि केंद्र में बैठे मोदी सरकार की ओर से राज्य की 31 किसान जत्थेबंदियों के प्रधानों द्वारा एक संयुक्त मीटिंग के लिए भेजे के बुलावे के तहत आज किसान यूनियनों के नुमाइंदे दिल्ली में गए थे लेकिन मोदी सरकार की और शेर किसी भी केंद्रीय मंत्री के साथ मीटिंग ना होने के चलते मीटिंग बेनतीजा रहे और जय किसानों ने मीटिंग का बायकॉट करते हुए वाहन से कृषि दिल्ली की कॉपियां वहां पर साड़ी और मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आवाज को दवा नहीं सकती और जय संघर्ष इसी तरह जारी रहेगा जब तक सरकार की ओर से पास किए गए बिलों को वापस नहीं लिया जाता।
इस मौके पर जगीर सिंह, कर्मजीत सिंह, जसवंत सिंह, अमृत पाल, जसवीर सिंह, गुरमुख सिंह, केवल सिंह, जोगा सिंह, हेम सिंह, लखविन्द्र सिंह, गुरनाम सिंह, प्रकाश सिंह, कृपाल सिंह, नवीन कुमार, गुरपाल सिंह, पाली बाजवा, इंद्र पाल सिंह, हरविन्द्र सिंह, जतिन्द्र सिंह आदि उपस्थित थे।

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25 Oct 2020, 10:59 AM (GMT)

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